भागलपुर। सैंडिस कंपाउंड खेल मैदान में फुटबॉल और एथलेटिक्स की गतिविधियों को लेकर फुटबॉल एवं एथलेटिक्स एसोसिएशन ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। इसको लेकर एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष नंदलाल राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मैदान से फुटबॉल का गोल पोस्ट और फेंसिंग की जाली हटाए जाने के मुद्दे पर सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सैंडिस कंपाउंड मैदान फुटबॉल और एथलेटिक्स खेल गतिविधियों के लिए स्वीकृत है। एसोसिएशन के अनुसार, मैदान के उपयोग को लेकर प्रति माह 725 रुपये किराया भी उसके खाते में जमा होता रहा है। ऐसे में सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब मैदान पर फुटबॉल और एथलेटिक्स गतिविधियों के लिए व्यवस्था निर्धारित है, तो खेल से जुड़े संसाधनों को हटाने की कार्रवाई किस आधार पर की गई।
बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि मैदान को लेकर पटना हाईकोर्ट के पूर्व आदेश से इतर कार्रवाई की गई है। सदस्यों ने कहा कि खेल मैदान से जुड़े पूर्व न्यायिक आदेश और सरकारी दस्तावेजों को ध्यान में रखते हुए ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।
एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि इस मामले को लेकर दोबारा पटना हाईकोर्ट की शरण ली जाएगी। बैठक में यह भी कहा गया कि यदि मैदान और खेल गतिविधियों से जुड़े मुद्दे का समाधान नहीं हुआ तो एसोसिएशन आंदोलन का रास्ता अपना सकता है।
एसोसिएशन ने यह सवाल भी उठाया कि यदि सरकारी दस्तावेजों में सैंडिस कंपाउंड मैदान को क्रिकेट के लिए निर्धारित नहीं किया गया है, तो फिर फुटबॉल और एथलेटिक्स की गतिविधियों को क्यों रोका जा रहा है। पदाधिकारियों ने मैदान पर खिलाड़ियों के अभ्यास और खेल गतिविधियों के लिए उचित व्यवस्था बनाए रखने की मांग की।
बैठक में नसर आलम, फारूक आजम, रणवीर मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद समेत कई खेल पदाधिकारी और एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में मैदान की स्थिति, खेल गतिविधियों और खिलाड़ियों की सुविधा को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
एसोसिएशन के कार्यालय सचिव असर आलम ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन खिलाड़ियों के हित और खेल गतिविधियों की सुरक्षा के लिए आगे भी आवश्यक कदम उठाएगा।







