
सुपौल। जिला मुख्यालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में गुरुवार को निगरानी विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए डाटा एंट्री ऑपरेटर नंदलाल कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद DTO कार्यालय में हड़कंप मच गया। आरोप है कि गाड़ी को बिहार का रजिस्ट्रेशन नंबर दिलाने के एवज में डाटा एंट्री ऑपरेटर ने परिवादी से रिश्वत की मांग की थी।
निगरानी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पटना के पुलिस उपाधीक्षक विंध्याचल प्रसाद ने बताया कि ललितग्राम थाना क्षेत्र के मधुबनी निवासी मोहम्मद अजहर अली ने इस संबंध में निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी अपनी गाड़ी के लिए बिहार का नंबर लेना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन दिया था।
शिकायत के अनुसार, आवेदन के निष्पादन के एवज में डाटा एंट्री ऑपरेटर नंदलाल कुमार ने उनसे 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। परिवादी रिश्वत देने के इच्छुक नहीं थे। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद निगरानी टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। इसके लिए टीम का गठन किया गया और गुरुवार को टीम सुपौल DTO कार्यालय पहुंची।
बताया गया कि निर्धारित योजना के तहत परिवादी ने जैसे ही डाटा एंट्री ऑपरेटर को 15 हजार रुपये रिश्वत की रकम दी, निगरानी टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उपाधीक्षक के अनुसार, तत्काल कार्रवाई में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद परिवहन कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल रहा। निगरानी टीम आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।





