सहरसा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPM की सहरसा जिला कमेटी के नेतृत्व में गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शारदा नगर, बटराहा स्थित पार्टी कार्यालय से मार्च शुरू किया और नारेबाजी करते हुए शहीद चौक पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया।
पुतला दहन के बाद पार्टी नेता मिथिलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में नुक्कड़ सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए CPM के राज्य सचिव मंडल सदस्य सह सहरसा जिला सचिव रणधीर यादव ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
रणधीर यादव ने कहा कि द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर उनकी पार्टी को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में अन्य चुनाव आयुक्तों से पर्याप्त सलाह-मशविरा किए बिना कई फैसले लिए गए। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए।
CPM नेता ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों के जवाब में कहा है कि पिछले एक साल में आयोग के सभी फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत निर्णय प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।
रणधीर यादव ने मांग की कि SIR पर रोक लगाई जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर CPM की ओर से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिला सचिव मंडल सदस्य कृष्ण दयाल यादव, कुलानंद कुमार, व्यास प्रसाद यादव, डोमी पासवान, मुर्शीद आलम, केशव कुमार, मदन पासवान, प्रदीप साह, अनिता देवी, चंद्रकला देवी, प्रिया कुमारी समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोट: निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।






