नालंदा में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिहारशरीफ सदर अस्पताल में रोजाना करीब 60 से 70 लोग डॉग बाइट के बाद इलाज और एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए पहुंच रहे हैं। पिछले छह महीने में 13 हजार 212 लोगों को डॉग बाइट के बाद वैक्सीन दी जा चुकी है। बढ़ते मामलों को देखते हुए अब प्रशासन ने प्रभावित इलाकों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
ये तस्वीरें बिहारशरीफ सदर अस्पताल की हैं, जहां आवारा कुत्तों की मौजूदगी मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। अस्पताल परिसर में भी कुत्तों के घूमने की शिकायतों के बाद बिहारशरीफ नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन के मुताबिक, इन दिनों रोजाना करीब 60 से 70 लोग डॉग बाइट के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं। पिछले छह महीने में 13 हजार 212 लोगों को एंटी-रेबीज वैक्सीन दी गई है। आंकड़ों के मुताबिक मार्च में करीब 2500, अप्रैल में 1900, मई में 2096, जून में 2468, जुलाई में 2094 और अगस्त में 2154 लोगों को डॉग बाइट के बाद वैक्सीन दी गई।
लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने नगर निगम से आवारा कुत्तों के साथ सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को भी पकड़ने की मांग की है। इसके अलावा सड़क किनारे चलने वाली नॉनवेज दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की जरूरत बताई गई है, ताकि वहां कुत्तों का जमावड़ा कम हो सके।
वहीं, जिलाधिकारी के निर्देश पर अब डॉग बाइट के मरीजों के मोबाइल नंबर लेकर उनकी लोकेशन भी दर्ज की जा रही है। इससे उन इलाकों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जहां कुत्तों के काटने के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।
फिलहाल बिहारशरीफ सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और डॉग बाइट के मरीजों को 24 घंटे वैक्सीन की सुविधा दी जा रही है।





