बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अचानक डिप्टी सीएम विजय चौधरी के आवास पहुंचना और सरकार के कामकाज की “एक-एक जानकारी” मांगना अब कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि आखिर एनडीए के भीतर सब कुछ सामान्य है या फिर अंदरखाने कोई खटपट चल रही है।
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विजय चौधरी से साफ तौर पर कहा कि शाम को घर आकर कैबिनेट में क्या चल रहा है उसकी पूरी जानकारी दें। इस बातचीत के बाद राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जेडीयू नेतृत्व को सरकार के कामकाज की पूरी अपडेट नहीं मिल पा रही है, जिस वजह से मुख्यमंत्री खुद सक्रिय होकर जानकारी लेने में जुटे हैं।
विजय चौधरी के आवास से निकलने के बाद नीतीश कुमार सीधे जदयू कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। करीब 15 मिनट तक चले इस दौरे में उन्होंने पार्टी नेताओं को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह से सही दिशा में काम कर रही है। हाल के दिनों में नीतीश कुमार लगातार जिलों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा भी कर रहे हैं।
इधर भाजपा की ओर से इस पूरे मामले को सामान्य बताया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता डॉ. रामसागर सिंह ने कहा कि बिहार में सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चल रही है और अगर वह अपने मंत्रियों से रिपोर्ट मांग रहे हैं तो इसमें कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार के बीच मंत्री एक सेतु की तरह काम करते हैं।
लेकिन सवाल अब भी कायम है कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि मुख्यमंत्री को खुद जाकर रिपोर्ट मांगनी पड़ी। क्या विधान परिषद चुनाव, उपचुनाव या फिर सत्ता संतुलन को लेकर एनडीए में अंदरखाने कोई दबाव की राजनीति चल रही है? इसी बीच डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा और विजय सिन्हा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने भी बिहार की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।