भागलपुर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय में नौवां दीक्षांत समारोह भव्य और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। इस खास अवसर पर बिहार के राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विश्वविद्यालय पहुंचने पर उनका पारंपरिक तरीके से मखाना की माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित स्विमिंग पूल का उद्घाटन भी किया।
कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार, अभिभावक, छात्र-छात्राएं और कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने के लिए पहले से गठित 22 समितियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और समारोह में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर के कुल 443 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। इनमें स्नातक स्तर के 339 छात्र-छात्राएं शामिल रहे, जिनमें 149 छात्र और 190 छात्राएं थीं। स्नातकोत्तर स्तर पर 91 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई, जिनमें 54 छात्र और 37 छात्राएं शामिल थीं। वहीं पीएचडी के 13 शोधार्थियों को भी उपाधि प्रदान की गई, जिनमें 6 छात्र और 7 छात्राएं शामिल रहीं।
सभी विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान सात मेधावी छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। साथ ही “सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार” और “सर्वश्रेष्ठ शोधार्थी (थीसिस) पुरस्कार” भी प्रदान किए गए।
समारोह में छात्र-छात्राएं पारंपरिक परिधान में नजर आए। छात्रों ने उजला कुर्ता-पायजामा, लेमन रंग की पगड़ी और विश्वविद्यालय का अंगवस्त्र धारण किया, जबकि छात्राओं ने सफेद सलवार, लेमन येलो कुर्ती या साड़ी के साथ लाल ब्लाउज और पारंपरिक अंगवस्त्र पहनकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
दीक्षांत समारोह में वितरित प्रमाण-पत्र आधुनिक तकनीक और विशेष सुरक्षा फीचर्स से लैस रहे। इनमें माइक्रो प्रिंटिंग और क्यूआर कोड जैसी सुविधाएं शामिल थीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि सभी प्रमाण-पत्र डिजिलॉकर पर भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए गौरवपूर्ण क्षण और उनके उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत साबित हुआ।
