भागलपुर। बागेश्वर धाम सरकार के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने उनकी संत की छवि और धार्मिक टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि संत का काम समाज में प्रेम, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश देना है, न कि किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना।
पप्पू यादव ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने पहले रामजी को लेकर भी विवादित बातें कही थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भगवान राम और कृष्ण को लेकर ऐसी टिप्पणियां की गईं, तब इस्कॉन, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों ने खुलकर विरोध क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि किसी की धार्मिक आस्था का अपमान होने पर सभी को आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि संत प्रेमानंद और ओशो जैसे लोगों की विचारधारा में मानव कल्याण और समाज को बेहतर बनाने की बात होती है। लेकिन जो व्यक्ति लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाता है, उसे संत कैसे कहा जा सकता है? पप्पू यादव ने देश में धार्मिक और सामाजिक विभाजन को लेकर भी सवाल उठाए।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपराध और क्राइम को लेकर दिए गए बयान पर भी पप्पू यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षों से बिहार और बिहारियों को बदनामी झेलनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें पहले बिहार की वास्तविक स्थिति और अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए।
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के व्यवहार और बयानों के कारण 13 करोड़ बिहारियों की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां सुभानल्लाह। साथ ही उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व की शैक्षणिक समझ और कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
पप्पू यादव के इन बयानों के बाद धार्मिक टिप्पणी और बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।






