भागलपुर। बिहार में शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन एवं मद्य निषेध विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे के निर्देशानुसार जोगसर थाना क्षेत्र के खरमनचक स्थित मद्य निषेध उत्पाद थाना परिसर में जब्त देशी और विदेशी शराब का विनिष्टीकरण किया गया। इस दौरान विभिन्न मामलों में जब्त हजारों लीटर शराब को नष्ट किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग के कुल 100 कांडों में जब्त 8,845 लीटर देशी एवं विदेशी शराब को नष्ट किया गया। वहीं, सदर अनुमंडल के विभिन्न थानों से संबंधित 52 कांडों में जब्त 1,306 लीटर शराब का भी विनिष्टीकरण किया गया। इस तरह दोनों श्रेणियों में कुल 152 कांडों से संबंधित 10,151 लीटर जब्त शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की गई।
जेसीबी से नष्ट की गई जब्त शराब
शराब विनिष्टीकरण की प्रक्रिया निर्धारित प्रशासनिक व्यवस्था के तहत पूरी की गई। मौके पर दंडाधिकारी राजीव कुमार, संबंधित पुलिस थानों के पदाधिकारी और उत्पाद निरीक्षक मनोज कुमार मौजूद रहे। जब्त शराब को जेसीबी मशीन के माध्यम से नष्ट किया गया। इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य विभिन्न मामलों में जब्त शराब के भंडार को समाप्त करना और अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को आगे बढ़ाना था।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को बिहार सरकार की शराबबंदी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
शराब कारोबारियों को कानून का पालन करने की अपील
मौके पर मौजूद उत्पाद निरीक्षक मनोज कुमार ने शराब कारोबारियों से अपील की कि वे अवैध शराब के कारोबार से दूर रहें और कानून का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब का अवैध निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
उन्होंने आम नागरिकों से भी शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने में सहयोग करने की अपील की। अवैध शराब के कारोबार की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचित कर प्रशासन की मदद की जा सकती है।
प्रशासन का मानना है कि शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए सरकारी कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता और आम लोगों की सहभागिता भी जरूरी है। इस अभियान के माध्यम से अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण स्थापित करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।





