बिहार के पूर्वी चंपारण के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपनी अनूठी कलाकारी से सबका ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने महज 3 सेंटीमीटर के हरे पीपल के पत्ते पर मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर की तस्वीर उकेरी है। इस सूक्ष्म कलाकृति को तैयार करने में उन्हें करीब तीन घंटे का समय लगा। पत्ते पर उन्होंने ‘अलविदा क्रांतिवीर नाना पाटेकर’ संदेश भी लिखा है। अपनी इस अनोखी प्रस्तुति के जरिए उन्होंने अभिनेता के अभिनय और सिनेमा में उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।
आमतौर पर किसी कलाकार के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करने के लिए तस्वीरों, पोस्टरों और बड़े कैनवास का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन मधुरेंद्र कुमार ने एक छोटे से पीपल के पत्ते को ही अपनी कला का माध्यम बना लिया। महज 3 सेंटीमीटर के पत्ते पर नाना पाटेकर की तस्वीर उकेरना आसान काम नहीं है। इसके लिए बेहद बारीकी, धैर्य और एकाग्रता की जरूरत होती है। मधुरेंद्र कुमार ने लगभग तीन घंटे की मेहनत के बाद इस कलाकृति को तैयार किया।
इस कलाकृति की खासियत इसका छोटा आकार और इसमें दिखाई गई बारीकी है। पत्ते पर अभिनेता के चेहरे और उनकी पहचान को उभारने का प्रयास किया गया है। साथ ही, ‘अलविदा क्रांतिवीर नाना पाटेकर’ संदेश के जरिए उनके चर्चित अभिनय को याद किया गया है। नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता हैं। ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’ और ‘अग्निसाक्षी’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा है। उनकी दमदार संवाद अदायगी और प्रभावशाली अभिनय ने उन्हें फिल्म जगत में अलग पहचान दिलाई है।
मधुरेंद्र कुमार अपनी अनूठी कलात्मक प्रस्तुतियों के जरिए विभिन्न विषयों पर लोगों का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। इस बार उन्होंने प्रकृति से जुड़ी एक छोटी-सी वस्तु को श्रद्धांजलि का माध्यम बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। आकार में छोटी होने के बावजूद यह कलाकृति अपनी बारीकी और संदेश के कारण खास बन गई है। उनकी यह प्रस्तुति बताती है कि किसी के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए बड़े मंच की नहीं, बल्कि कला और भावना की जरूरत होती है।






