गोपालगंज। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली एएनएम (ANM) कर्मियों को पिछले तीन से चार महीने से वेतन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। विजयीपुर, भोरे और कटेया समेत कई प्रखंडों में कार्यरत एएनएम कर्मियों ने विभागीय व्यवस्था की खामियों के कारण वेतन भुगतान प्रभावित होने का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फिंगरप्रिंट आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य किया था। विभागीय निर्देश के अनुसार स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात कर्मियों को इसी व्यवस्था के तहत अपनी उपस्थिति दर्ज करनी थी। हालांकि, कई स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त बायोमेट्रिक मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण फील्ड में कार्यरत एएनएम को शुरुआती दौर में परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके बाद विभाग की ओर से मुख्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। एएनएम कर्मियों का कहना है कि उन्होंने विभाग के निर्देश का पालन करते हुए उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी, इसके बावजूद कई कर्मियों का वेतन अब तक जारी नहीं हुआ है।
‘आवंटन नहीं है’ कहकर भुगतान टालने का आरोप
वेतन भुगतान को लेकर कर्मियों का कहना है कि संबंधित कार्यालय में संपर्क करने पर उन्हें कथित तौर पर ‘आवंटन उपलब्ध नहीं होने’ की जानकारी दी जाती है। वहीं, कर्मियों का दावा है कि जिले के कुछ अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में अगस्त तक का वेतन भुगतान किया जा चुका है। थावे समेत कई स्थानों पर भुगतान होने की बात सामने आने के बाद विजयीपुर, भोरे और कटेया की एएनएम के वेतन लंबित रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कर्मियों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि बायोमेट्रिक उपस्थिति को वेतन भुगतान से जोड़ा गया है और उनकी उपस्थिति दर्ज हो रही है, तो वेतन रोकने का कारण क्या है। उन्होंने एक ही विभाग में कर्मचारियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होने का आरोप लगाते हुए स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
आर्थिक संकट से जूझ रहीं कर्मी
कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण एएनएम कर्मियों के सामने आर्थिक परेशानी बढ़ने की बात कही जा रही है। कर्मियों का कहना है कि घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्च प्रभावित हो रहे हैं।
एएनएम ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य जागरूकता तथा सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है।
मामले में संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। कर्मियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से जांच कर लंबित वेतन का जल्द भुगतान कराने तथा बायोमेट्रिक उपस्थिति से जुड़ी तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने की मांग की है।






