भागलपुर: विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन को लेकर प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली है। अब गंगा के इस पार से उस पार जाने के लिए जलमार्ग का सहारा लिया जाएगा। प्रशासन की ओर से यात्री और मालवाहक परिवहन के लिए अलग-अलग घाट निर्धारित किए गए हैं। बताया जा रहा है कि कल सुबह से जल परिवहन सेवा शुरू हो जाएगी।
यात्रियों के आवागमन के लिए भागलपुर में बियाडा घाट को निर्धारित किया गया है। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए दो बड़े और दो छोटे जहाज लगाए जा चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, छोटे जहाजों की क्षमता करीब 800 से 1000 यात्रियों की, जबकि बड़े जहाजों में लगभग 1000 से 1500 यात्रियों के सफर करने की क्षमता बताई जा रही है। हालांकि, यात्रियों के किराये और वास्तविक क्षमता का अंतिम निर्धारण जिला प्रशासन और जहाज संचालक की ओर से किया जाना बाकी है।
वहीं, माल और चार पहिया वाहनों के परिवहन के लिए बाबूपुर घाट को चुना गया है। यहां कार्गो जहाज भी लगाया गया है। जहाज संचालक के मुताबिक, एक बार में करीब 60 से 70 चार पहिया वाहनों को जहाज पर लोड किया जा सकता है। बाबूपुर घाट से गंगा के दूसरी ओर पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगने की बात कही गई है।
यात्री जहाज से सफर में करीब एक घंटे का समय लग सकता है। ऐसे में विक्रमशिला सेतु बंद रहने के दौरान जलमार्ग भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन का वैकल्पिक साधन बनेगा।
हालांकि, बाबूपुर घाट पर स्थानीय लोगों ने जाम की आशंका जताई है। स्थानीय निवासी दिवाकर जायसवाल ने कहा कि पिछले अवसर पर गांव में जाम की स्थिति उत्पन्न हुई थी। उन्होंने प्रशासन से घाट पर पर्याप्त पुलिस बल और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि जल परिवहन शुरू होने के बाद लोगों को जाम की समस्या का सामना न करना पड़े।





