
भागलपुर: बिहार के भागलपुर में 50 वर्षीय शिक्षक ललित रजक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के गले पर स्याह निशान मिलने के बाद परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर आशंका जताते हुए मामले की जांच की मांग की है। फिलहाल मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
ललित रजक सजौर थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय मुंजत में पदस्थापित थे। मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें गंभीर हालत में जेएलएनएमसीएच मायागंज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, ललित रजक ने विभागीय परीक्षा पास की थी और बुधवार को उन्हें विद्यालय में प्रधानाध्यापक का प्रभार लेना था। प्रभार मिलने से ठीक एक दिन पहले उनकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम ने परिजनों के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया है।
बताया गया कि इससे पहले ललित रजक मध्य विद्यालय दराहडीह में पदस्थापित थे। बाद में उनका स्थानांतरण प्राथमिक विद्यालय मुंजत में हुआ था। वे रोजाना करीब आधा किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय जाते थे।
मृतक की पत्नी उषा देवी ने बताया कि ललित विभागीय बैठक में शामिल होकर घर लौटे थे। उनके घर पहुंचने के करीब दस मिनट बाद वह भी घर पहुंचीं। खाना खाने के बाद ललित सोने चले गए। कुछ देर बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी के अनुसार, पिछले एक-दो महीने से ललित काफी गुमसुम रहते थे और ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। वहीं, शव के गले पर स्याह निशान मिलने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह और बढ़ गया है।
फिलहाल जेएलएनएमसीएच मायागंज में बरारी थाना पुलिस की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घटना की सूचना सजौर थाना पुलिस को भी दी गई है। पुलिस के अनुसार, अभी परिजनों की ओर से आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस विधि सम्मत कार्रवाई कर रही है।





