गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर प्रखंड में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जमींदारी बांध टूटने से बाढ़ का संकट गहरा गया है। शीतलपुर और पकहा गांव के बीच बांध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल रहा है। इस दौरान पकहा गांव निवासी कंतलाल की पत्नी चंपा देवी की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद महिला के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैकुंठपुर लाया गया, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए मॉडल अस्पताल, गोपालगंज भेज दिया गया।
बांध और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर ग्रामीण
बांध टूटने के बाद कई गांवों में पानी भर गया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों और बचे हुए बांध पर शरण लेने को मजबूर हैं। बाढ़ के कारण लोगों के सामने खाने-पीने और रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है। बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है।
स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची है। टीम की ओर से नावों के जरिए बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत जिले के कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। बैकुंठपुर के बीडीओ और सीओ प्रभावित इलाकों में रहकर राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, पूर्व राजद विधायक प्रेम शंकर यादव और जदयू विधायक मंजीत कुमार सिंह समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों का हाल जाना और मदद का भरोसा दिया।
बाढ़ के पानी में बहकर पहुंचे दो हिरण
बाढ़ का असर इंसानों के साथ वन्यजीवों पर भी पड़ा है। बाढ़ के तेज बहाव में बहकर आए दो हिरण अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए हैं। एक हिरण उसरी गांव और दूसरा डुमरिया रिवर फ्रंट के पास मिला। प्रशासन और वन विभाग की टीम दोनों हिरणों को सुरक्षित रखने और उनकी देखभाल में जुटी है।





