सहरसा। बिहार में क्लबफुट से जन्म लेने वाले बच्चों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलिमिनीटिंग क्लबफुट (AFEC) की ओर से 29 सितंबर 2026 को सदर अस्पताल, सहरसा में क्लबफुट उपचार पर बेसिक मेडिकल ट्रेनिंग आयोजित की गई। इसे बिहार में AFEC की मेडिकल क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
प्रशिक्षण का नेतृत्व मास्टर ट्रेनर डॉ. उबैद सिद्दीकी ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. राजेश रंजन, डॉ. अभय कुमार और डॉ. पवन ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों के क्लबफुट उपचार से जुड़े चिकित्सकीय ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को मजबूत करना रहा, ताकि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बच्चों को उपचार की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान क्लबफुट की पहचान, उपचार की प्रक्रिया और उपचार की निरंतरता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी गई। AFEC के अनुसार, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों को प्रशिक्षित करने से क्लबफुट से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को उनके नजदीक ही उचित उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
क्लबफुट एक ऐसी जन्मजात स्थिति है, जिसमें बच्चे के पैर का आकार सामान्य से अलग होता है। इसका समय पर उपचार होने पर बच्चे सामान्य रूप से चलने-फिरने में सक्षम हो सकते हैं। AFEC सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली के साथ मिलकर Ponseti Method के माध्यम से निःशुल्क क्लबफुट उपचार की पहुंच बढ़ाने के लिए काम करता है।
संस्था सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ डॉक्टरों, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमों, जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (DEIC), आशा कार्यकर्ताओं, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर क्लबफुट से जन्मे बच्चों की पहचान, उपचार और उपचार की निरंतरता को मजबूत करने का प्रयास करती है।
सदर अस्पताल, सहरसा में आयोजित यह प्रशिक्षण सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से क्लबफुट उपचार की सुविधा को मजबूत करने और अधिक से अधिक बच्चों को समय पर उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





