सहरसा। कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए सहरसा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने जिले के नवहट्टा, महिषी, सलखुआ और सिमरी बख्तियारपुर प्रखंडों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न कोसी तटबंधों, बाढ़ प्रभावित इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि बीते दिनों जल संसाधन विभाग से कोसी नदी में करीब 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना मिली थी। हालांकि बाद में यह जानकारी सामने आई कि करीब 3 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें नदी के जलस्तर तथा तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
डीएम ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाढ़ आश्रय स्थलों पर सामुदायिक रसोई, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की गई है। वहीं, प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की तैयारी भी की गई है। आवश्यकता पड़ने पर लोगों के बीच सूखा राशन भी वितरित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कोसी नदी में यदि 4 से 5 लाख क्यूसेक तक पानी भी आता है, तो प्रशासन उससे निपटने के लिए तैयार है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए पंजीकृत नावों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी अंचल अधिकारियों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त नावों का रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने का निर्देश दिया। प्रशासन का कहना है कि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत, बचाव और आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाने के लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।






