समस्तीपुर। समस्तीपुर जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र और चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत एक भटके हुए नाबालिग बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बच्चा छपरा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है और अकेले ट्रेन से सफर करते हुए समस्तीपुर पहुंच गया था।
जानकारी के अनुसार 23 सितंबर 2026 को रेल मदद के माध्यम से आरपीएफ को सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 94804 के कोच संख्या सी-8 में एक नाबालिग बच्चा अकेला और भटका हुआ सफर कर रहा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ के ऑन-ड्यूटी हेड कांस्टेबल मनोज कुमार साह ने तत्काल कार्रवाई की और बच्चे को ट्रेन से उतारकर सुरक्षित आरपीएफ पोस्ट, समस्तीपुर लाया गया।
आरपीएफ पोस्ट पर पूछताछ के दौरान बच्चे ने अपना घर छपरा जिला बताया। बच्चे की स्थिति को देखते हुए आरपीएफ पोस्ट कमांडर ने चाइल्ड हेल्पलाइन, समस्तीपुर को इसकी सूचना दी, ताकि बच्चे की सुरक्षा और आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
इसके बाद 24 सितंबर 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन की काउंसलर संगीता कुमारी और जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र, समस्तीपुर के रेस्क्यू प्रभारी शोभानंद सिंह आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। टीम ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को विधिवत अपनी सुपुर्दगी में लिया।
रेस्क्यू के बाद जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की ओर से बच्चे को सदर अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति, समस्तीपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र के रेस्क्यू प्रभारी शोभानंद सिंह ने बताया कि नाबालिग बालक को फिलहाल चाइल्ड हेल्पलाइन में सुरक्षित आवासित किया गया है। बच्चे के परिवार का पता लगाने और उसके पुनर्वास की प्रक्रिया नियमों के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बाल कल्याण समिति, समस्तीपुर के आदेश के बाद ही बच्चे को परिवार के सुपुर्द करने या उसके पुनर्वास से संबंधित आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरपीएफ, चाइल्ड हेल्पलाइन और जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र की त्वरित कार्रवाई से भटके हुए बच्चे को सुरक्षित संरक्षण मिल सका। अब समिति के निर्देश के आधार पर बच्चे के परिवार से संपर्क और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।





