भागलपुर के पीरपैंती नगर पंचायत क्षेत्र के सुंदरपुर में रैयती जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक परिवार ने कुछ लोगों पर उनकी जमीन पर कथित तौर पर जबरन कब्जा करने और कब्जा हटाने की बात कहने पर गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की है।
पीड़ित मो. लज़िम और उनकी मां मौसमात मैरून का आरोप है कि उनकी रैयती जमीन पर मो. अलाउद्दीन और मो. सलीम ने कथित रूप से कब्जा कर रखा है। परिवार के अनुसार, जमीन खाली कराने को लेकर कई बार आग्रह किया गया, लेकिन मामला सुलझने के बजाय विवाद और बढ़ता गया। पीड़ितों का आरोप है कि कब्जा हटाने की बात कहने पर उन्हें कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष द्वारा थाना से लेकर एसएसपी स्तर तक अपनी पहुंच होने की बात कहकर उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। परिवार के मुताबिक, उन्हें यह भी कहा जाता है कि विवादित जमीन पर आरोपी पक्ष का ही अधिकार है।
जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने के लिए परिवार की ओर से अंचल अमीन से कई बार जमीन की मापी कराए जाने की बात कही गई है। हालांकि, परिवार का आरोप है कि मापी के बावजूद जमीन पर कथित कब्जे को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। इसको लेकर परिवार लगातार परेशान है और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहा है।
अब पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमीन की दोबारा विधिवत मापी कराने और राजस्व अभिलेखों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि जांच में जमीन पर कब्जा अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जमीन को कब्जामुक्त कराया जाए।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही जमीन के स्वामित्व और कब्जे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






