पलामू/झारखंड। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को बिश्रामपुर और पांडू प्रखंड मुख्यालय पर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। “जल, जंगल, जमीन हमारा है” जैसे नारों से प्रखंड मुख्यालय गूंजता रहा।
धरना-प्रदर्शन समाप्त होने के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खान एवं खनिज संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को सरल बनाने, सभी भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने और नागरिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई। झामुमो कार्यकर्ताओं ने यूपीआई भुगतान पर लगाए गए कर को वापस लेने तथा झारखंड सरकार को खान एवं खनिज से मिलने वाली रॉयल्टी की राशि केंद्र सरकार की ओर से समय पर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से जुड़े मामलों में राज्य के हितों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था और लोगों के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
कार्यक्रम का नेतृत्व एवं संचालन प्रखंड अध्यक्ष एमामुल हक गुड्डू ने किया। मौके पर प्रखंड सचिव रंजीत प्रजापति, नगर अध्यक्ष दिनेश मेहता, नगर सचिव सखर मुस्तफा, बिहारी पासवान, कार्यक्रम प्रभारी अवधेश देव, वरीय नेता डॉ. डीपी शुक्ला, डॉ. अलाउद्दीन सहित पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लोकेशन – पलामू/झारखंड
संवाददाता – सत्यम शुक्ला







