सहरसा। जिले में आयोजित होने वाले विभिन्न महोत्सवों की तैयारियों को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से ‘श्री उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव, महिषी-2026’ के आयोजन को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से तीन दिवसीय महोत्सव के आयोजन की तिथि 19, 20 और 21 नवंबर 2026 निर्धारित की गई।
जिलाधिकारी सह न्यास समिति के अध्यक्ष दीपेश कुमार ने महोत्सव की तैयारियों से जुड़ी विभिन्न समितियों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में महोत्सव को और व्यापक बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों को भी इससे जोड़ने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही महोत्सव के दौरान पुस्तक मेला आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
बैठक में महोत्सव की स्मारिका के प्रकाशन को लेकर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्मारिका में सामग्री की गुणवत्ता और मौलिकता बनाए रखने पर जोर दिया। वहीं सेमिनार और वाद-विवाद कार्यक्रमों के बेहतर आयोजन के लिए नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा को संबंधित समिति का संयोजक बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
महोत्सव की तिथि को लेकर चर्चा के दौरान बाढ़ समेत अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए छठ पूजा के बाद आयोजन कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से 19, 20 और 21 नवंबर की तारीख तय की गई।
इस वर्ष श्री उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव में पहली बार विशेष रूप से फूड कार्ट की व्यवस्था भी की जा रही है। इसमें मिथिला के पारंपरिक भोजन और व्यंजनों के साथ अन्य प्रसिद्ध खाद्य पदार्थों की भी व्यवस्था रहेगी। इससे महोत्सव में आने वाले लोगों को स्थानीय खान-पान और विभिन्न व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा।
बैठक में डीडीसी गौरव कुमार, एडीएम निशांत कुमार, डीईओ, सदर एसडीओ श्रेयांश तिवारी, डीटीओ सुजीत बरनवाल, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा, सचिव केशव चौधरी, प्रो. अक्षय कुमार चौधरी, अमित आनंद सहित अन्य अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
तीन दिनों तक आयोजित होने वाला यह महोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों, साहित्यिक गतिविधियों, सेमिनार, पुस्तक मेला और स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से महिषी की सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का अवसर देगा।





