भागलपुर। जिले के घोघा क्षेत्र में बाढ़ का पानी लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र के करीब 80 प्रतिशत गांव जलमग्न हैं। कई घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने भोजन, पेयजल, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की समस्या बनी हुई है। बाढ़ के कारण लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित है और परिवार राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं।
इसी बीच राजस्थान के जोधपुर से ट्रू होप फाउंडेशन की टीम बाढ़ प्रभावित घोघा के ब्रह्मचारी टोला पहुंची। संस्था के सदस्यों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। इसके बाद जरूरतमंद लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया।
राहत सामग्री में आटा, चावल, दाल, बच्चों के कपड़े, महिलाओं के लिए साड़ियां, सैनिटरी पैड और पेयजल समेत कई आवश्यक सामान शामिल थे। राहत सामग्री मिलने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों ने संस्था के सदस्यों का आभार जताया। लोगों ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में जरूरी सामान मिलने से उन्हें काफी मदद मिली है।
हालांकि, राहत वितरण के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने अपने जनप्रतिनिधियों को लेकर नाराजगी भी जताई। लोगों का कहना था कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच बाहर से आई संस्था जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचा रही है, जबकि स्थानीय स्तर पर उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इस दौरान कुछ लोगों ने अपने क्षेत्र के सांसद अजय मंडल की भूमिका को लेकर भी नाराजगी
ट्रू होप फाउंडेशन के फाउंडर कुलदीप खत्री ने कहा कि आपदा के समय लोगों की मदद को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। बाढ़ जैसी परिस्थिति में जरूरतमंद परिवारों तक हर संभव सहायता पहुंचाना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
फिलहाल घोघा के बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की परेशानियां बरकरार हैं। प्रभावित परिवार प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं से लगातार राहत और सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं।






