बक्सर। जिले में नाबालिग छात्रा से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो के कथित निर्माण और सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने दो सरकारी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीणों की शिकायत और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट के बाद दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच के साथ पुलिस की कार्रवाई भी जारी है।
जानकारी के अनुसार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डुमरांव की ओर से 31 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत निलंबित किया गया। वीरेंद्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, राजपुर, जबकि अरविंद कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, चक्की निर्धारित किया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू की जा रही है।
शिकायत में दोनों शिक्षकों पर नाबालिग छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इसके अलावा छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार और धमकी से जुड़े ऑडियो का भी उल्लेख किया गया है। अरविंद कुमार की नियुक्ति वर्ष 2024 में TRE-2 के तहत हुई थी।
मामले में पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है। बक्सर एसपी शुभम आर्या के अनुसार, वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने सत्यापन शुरू किया। इसके बाद कृष्णाब्रह्म थाने में POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस के मुताबिक, मामले में दो शिक्षक मुख्य आरोपी हैं, जबकि एक अन्य शिक्षक की भूमिका भी सामने आई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस ने यह भी बताया कि छात्रा की उम्र 18 वर्ष से कम है और अन्य संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है।
वहीं, शिक्षा विभाग ने शिक्षक दिवस पर स्कूल के हेडमास्टर इमाम अली अंसारी को मिलने वाले सम्मान पर भी रोक लगा दी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि शिकायत सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया है।





