खगड़िया। जिले के चौथम प्रखंड अंतर्गत रोहियार पंचायत के बंगलिया गांव स्थित प्रसिद्ध मां कात्यायनी मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को दर्जनों ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंचे और निर्माण कार्य का विरोध जताते हुए पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे मंदिर परिसर के निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार फर्श पर मार्बल लगाने का काम इंजीनियर की निगरानी के बिना मिस्त्री और मजदूरों के स्तर से कराया जा रहा है। आरोप है कि मार्बल के नीचे करीब पांच से छह इंच तक बालू डालकर फिनिशिंग की जा रही है। ग्रामीणों ने इससे निर्माण की मजबूती और भविष्य में इसके टिकाऊ रहने पर चिंता जताई है।
ग्रामीण भूषण यादव और नंदन यादव ने कहा कि इतने बड़े बजट से धार्मिक स्थल का निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए काम में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि फर्श सहित अन्य निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार और इंजीनियर की निगरानी में कराया जाए।
वहीं डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि मां कात्यायनी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में होने वाले निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की।
स्थानीय डॉक्टर भवेश यादव ने बताया कि निर्माण कार्य को लेकर संवेदक को कई बार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों ने खगड़िया डीएम से पूरे मामले की जांच कराने और अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
निर्माण कार्य आलोक कंस्ट्रक्शन, पटना द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के मुंशी अनिल कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों पर कहा कि मिस्त्री से कुछ काम गलत तरीके से हो गया था। लगाए गए मार्बल को तोड़कर दोबारा नए सिरे से लगाया जाएगा।
मौके पर दिनेश कुमार, विकास साह, रोहित कुमार, डॉ. अनिल कुमार, वार्ड सदस्य नीतीश कुमार, पवन कुमार, रंजीत सिंह, गुड्डू कुमार, उत्तम कुमार समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।





