बिहार के गोपालगंज जिले में अपहरण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने खुद के अपहरण की झूठी साजिश रचकर अपने ही परिजनों से 2 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की योजना बनाई। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और त्वरित कार्रवाई के कारण इस कथित अपहरण की सच्चाई सामने आ गई। श्रीपुर थाना पुलिस ने व्यक्ति को सकुशल बरामद करने के बाद गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान फुलवरिया थाना क्षेत्र के पावर बतरहा निवासी पारस सिंह के पुत्र छोटेलाल सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को श्रीपुर थाना क्षेत्र के मिश्र बतरहा बाजार से छोटेलाल सिंह के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीपुर थाना में कांड संख्या 218/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
गोपालगंज पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले के उद्भेदन के लिए एसडीपीओ हथुआ, श्रीपुर थानाध्यक्ष और डीआईयू की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ-साथ तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस को सटीक सूचना मिली कि कथित रूप से अपहृत छोटेलाल सिंह भोरे थाना क्षेत्र के एक जंगल में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल में छापेमारी की और छोटेलाल सिंह को उसके मोबाइल फोन के साथ सकुशल बरामद कर लिया।
पुलिस द्वारा थाने लाकर की गई पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ। पूछताछ के दौरान छोटेलाल सिंह ने स्वीकार किया कि उसने स्वयं के अपहरण का नाटक रचा था। पुलिस के अनुसार, उसने अपने परिजनों को डराकर उनसे 2 लाख रुपये ऐंठने की योजना बनाई थी।
मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस की जांच और तकनीकी टीम की कार्रवाई की सराहना हो रही है। वहीं, घटना ने यह भी दिखाया है कि अपराध की झूठी कहानी रचकर कानून को गुमराह करने की कोशिश करने वालों पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है।






