भागलपुर: जिले के निचले इलाकों में गंगा का कटाव अब ग्रामीणों के लिए दहशत का कारण बन गया है। गंगा के तेज बहाव के बीच कटाव की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है। मंदरोनी, इंग्लिश फलका और माशारू इलाके में पिछले दो दिनों के दौरान कई घर कटाव की चपेट में आकर जमींदोज हो गए। हालात इतने भयावह हैं कि लोग अपना आशियाना बचाने के लिए खुद ही घरों को तोड़कर जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं।
कटाव प्रभावित इलाकों से सामने आ रही तस्वीरें लोगों की परेशानी और बेबसी को बयां कर रही हैं। कहीं घरों की दीवारें देखते ही देखते भरभराकर गिर रही हैं तो कहीं ग्रामीण अपने वर्षों की मेहनत से बनाए आशियाने को अपनी आंखों के सामने उजड़ता देखने को मजबूर हैं। घर टूटने के डर से लोग दिन-रात अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं।
कटाव की मार ने सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों की बढ़ाई है, जिनके घर गंगा के बिल्कुल करीब हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तिनका-तिनका जोड़कर अपने लिए घर बनाया था। वर्षों की मेहनत और कमाई से खड़ा किया गया आशियाना अब गंगा की तेज धार में समाने के कगार पर है।
कटाव के कारण प्रभावित परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल रहने का है। महिलाओं की आंखों में अपने घर उजड़ने का दर्द साफ नजर आ रहा है, जबकि पुरुषों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटाव रोकने के लिए समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, जिसका खामियाजा अब उन्हें अपना घर और जमीन गंवाकर भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटावरोधी कार्य तेज करने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों को आशंका है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में कई और घर गंगा में समा सकते हैं।
गंगा का बढ़ता जलस्तर और तेज कटाव अब इलाके के लोगों के लिए दोहरी मुसीबत बन गया है। ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।






