बीएसएल-कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में लीज नियमों पर विवाद, रिटायर कर्मचारियों की सदस्यता और प्लॉट आवंटन पर उठे सवाल

बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट यानी बीएसएल और कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के बीच प्लॉट आवंटन और लीज नियमों को लेकर विवाद सामने आया है। बीएसएल ने सोसाइटी को नोटिस जारी करते हुए वर्ष 2022 में किए गए नियमों के संशोधन पर तत्काल रोक लगाने को कहा है। आरोप है कि सोसाइटी द्वारा संशोधित नियमों में रिटायर हो चुके बीएसएल कर्मचारियों को भी सोसाइटी की सदस्यता और प्लॉट आवंटन का प्रावधान किया गया, जो मूल लीज एग्रीमेंट की शर्तों के विपरीत बताया जा रहा है।

 

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मामला बीएसएल और कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के बीच हुए पुराने समझौते से जुड़ा है। बीएसएल के अनुसार, दोनों संस्थाओं के बीच हुए एग्रीमेंट में केवल बीएसएल के कार्यरत कर्मचारियों को ही सोसाइटी की सदस्यता के आधार पर प्लॉट आवंटित करने का प्रावधान था। इतना ही नहीं, प्लॉट के लीज एग्रीमेंट या उसके ट्रांसफर के लिए भी केवल सेवा में कार्यरत बीएसएल कर्मचारी ही पात्र माने गए थे।

 

बीएसएल के चीफ ऑफ कम्युनिकेशन मणिकांत धान ने बताया कि वर्ष 1970 में हुए समझौते के तहत सोसाइटी के प्लॉट केवल बीएसएल के कार्यरत कर्मचारियों के लिए निर्धारित किए गए थे। उन्होंने कहा कि मूल एग्रीमेंट में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सदस्यता देने या उनके नाम पर प्लॉट आवंटन करने का प्रावधान नहीं था।

 

बताया जा रहा है कि कोऑपरेटिव सोसाइटी ने वर्ष 2022 में नियमों में संशोधन किया। इसके बाद रिटायर कर्मचारियों की सदस्यता और प्लॉट से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किए जाने को लेकर सवाल उठे। बीएसएल ने इस संशोधन को मूल लीज एग्रीमेंट के प्रावधानों के खिलाफ बताते हुए सोसाइटी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

 

बीएसएल ने वर्ष 2022 के बाद सोसाइटी द्वारा किए गए सभी प्लॉट आवंटन और ट्रांसफर का विस्तृत ब्योरा भी मांगा है। इस संबंध में सोसाइटी से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। हालांकि, जानकारी के अनुसार सोसाइटी की ओर से रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया है।

 

गौरतलब है कि बीएसएल और कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के बीच 60 वर्षों का लीज एग्रीमेंट है, जिसका नवीनीकरण नवंबर 2028 में होना है। ऐसे में लीज अवधि समाप्त होने से पहले नियमों और प्लॉट आवंटन से जुड़े मामलों को लेकर विवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सोसाइटी बीएसएल को वर्ष 2022 के बाद हुए प्लॉट आवंटन और ट्रांसफर का क्या ब्योरा उपलब्ध कराती है और बीएसएल इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।

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