सहरसा : जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से बाइक सवार एक युवा मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा एसडीपीओ कार्यालय के समीप नहर किनारे हुआ। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर बाजार वार्ड नंबर-2 निवासी योगेंद्र शाह के 21 वर्षीय पुत्र सदानंद कुमार के रूप में हुई है। सदानंद दो भाइयों में सबसे छोटा था और गांव में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सदानंद तीन साल की एक मासूम बच्ची का पिता था, जिसके सिर से अब पिता का साया उठ गया है।
मृतक के परिजन सुजीत कुमार के अनुसार, सदानंद किसी घरेलू काम से सिमरी बख्तियारपुर बाजार गया था। काम पूरा करने के बाद वह अपनी बाइक से वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान एसडीपीओ कार्यालय के समीप नहर किनारे तेज रफ्तार से आ रहे एक हाईवा ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक सड़क पर गिर गया और हाईवा की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे में सदानंद के पैर समेत कमर तक के हिस्से में गंभीर चोटें और फ्रैक्चर हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायल युवक को तत्काल सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों को उम्मीद थी कि बेहतर इलाज से उसकी जान बच जाएगी, लेकिन सदर अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।
युवा मजदूर की असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। तीन साल की मासूम बच्ची से पिता का साया छिन जाने के बाद परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट भी खड़ा हो गया है।
घटना के बाद संबंधित पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और हाईवा चालक की भूमिका की जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।






