
साइबर अपराध की राजधानी के रूप में चर्चित जामताड़ा में साइबर ठगों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पलास जंगल में छापेमारी कर योनो ऐप एक्टिवेट करने और बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 10 सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पलास जंगल में कुछ साइबर अपराधी ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के बाद एसपी शंभु कुमार सिंह के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश मंडल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने जंगल में छापेमारी कर चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फारूक अंसारी (25), समसुद्दीन अंसारी (30), जानी बाबू (22) और कलीम अंसारी (24) के रूप में हुई है। फारूक अंसारी जामताड़ा थाना क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है, जबकि अन्य तीन आरोपी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों के रहने वाले हैं।
एसडीपीओ जामताड़ा वसीम रजा ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह गिरोह लोगों को फोन कर योनो ऐप एक्टिवेट करने और बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने का झांसा देता था। ठग भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके मोबाइल में व्हाट्सऐप और स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाते थे। स्क्रीन शेयरिंग शुरू होते ही आरोपियों को पीड़ित के मोबाइल की गतिविधियों तक पहुंच मिल जाती थी।
इसके बाद आरोपी बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी, योनो यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी हासिल कर नेट बैंकिंग के माध्यम से खातों से रकम उड़ा लेते थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस को गिरोह के तार देश के कई राज्यों में फैले साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पुराने साइबर ठगी मामलों से इनके संबंधों की पड़ताल कर रही है। मामले में साइबर थाना कांड संख्या 53/26, दिनांक 29 अगस्त 2026 के तहत बीएनएस, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छापेमारी दल में इंस्पेक्टर नितिश कुमार, मनीष कुमार गुप्ता, एसआई हीरालाल महतो सहित साइबर थाना पुलिस और रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे।





