छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा क्षेत्र स्थित एनटीपीसी तलाईपल्ली कोल माइंस परियोजना में ड्यूटी के दौरान पांडू प्रखंड के कुटमू पंचायत अंतर्गत बरवाही गांव निवासी विजय पासवान की मौत हो गई। घटना के बाद साथी चालकों और स्थानीय मजदूरों में आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजन और मजदूर विभिन्न मांगों को लेकर कार्यस्थल पर धरने पर बैठ गए।
जानकारी के अनुसार, विजय पासवान एनटीपीसी तलाईपल्ली परियोजना में 16 चक्का भारी वाहन चालक के रूप में कार्यरत था। ऑल झारखंड ड्राइवर ट्रेड यूनियन से जुड़े साथी चालक हजारी सिंह के मुताबिक, विजय शनिवार रात करीब 10 बजे नाइट शिफ्ट में ड्यूटी पर गया था। पूरी रात वाहन चलाने के बाद रविवार सुबह करीब चार बजे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
आरोप है कि तबीयत खराब होने की सूचना देने के बाद विजय को डेरा भेज दिया गया, लेकिन उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। साथी चालकों का यह भी आरोप है कि विजय ने दो दिन पहले तबीयत खराब होने की बात कहकर घर जाने के लिए छुट्टी मांगी थी, लेकिन उसकी छुट्टी मंजूर नहीं की गई।
प्रदर्शनकारियों ने 12-12 घंटे ड्यूटी कराने, बीमारी की स्थिति में उचित राहत नहीं देने और सुपरवाइजरों पर गाली-गलौज तथा नौकरी से हटाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और कुटमू पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अरविंद पाल रायगढ़ पहुंचे और मजदूरों के साथ धरने में शामिल हुए। परिजनों के अनुसार, कंपनी की ओर से एक लाख रुपये मुआवजे की पेशकश की गई, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। परिवार ने सम्मानजनक मुआवजा, बीमा राशि और एक आश्रित को नौकरी देने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन, श्रम विभाग और एनटीपीसी के उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि ठोस आश्वासन मिलने तक धरना जारी रहेगा। हालांकि, आरोपों पर कंपनी प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
संवाददाता सत्यम कुमार पलामू






