बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान शनिवार को जहानाबाद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर बड़ा बयान दिया। मंत्री ने कहा कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए सरकार नहीं, बल्कि कालाबाजारी और अनावश्यक भंडारण जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यापारी गोदामों में जरूरत से अधिक चीनी का स्टॉक जमा कर कृत्रिम रूप से कीमत बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
संजय पासवान ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर चीनी के स्टॉक की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यापारी को जमाखोरी या कालाबाजारी के जरिए आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार जरूरत पड़ने पर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करेगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों की स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य और उचित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कई स्तरों पर पहल की जा रही है। बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य के 25 अन्य जिलों में नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना भी प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि चीनी मिलों के विस्तार और नई मिलों की स्थापना से गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होगा। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का उद्देश्य गन्ना उद्योग को मजबूत कर किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर करना है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए संजय पासवान ने आरोप लगाया कि बिहार के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पारित होने के दौरान तेजस्वी यादव विदेश यात्राओं में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्य आगे बढ़ने के बाद विदेश से लौटकर धरना, प्रदर्शन और राजभवन मार्च के जरिए राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जाता है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनहित के मुद्दों पर पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है, जबकि विपक्ष का ध्यान केवल राजनीति पर केंद्रित है।






