सुपौल में शनिवार, 22 अगस्त 2026 को कोशी क्षेत्र, सहरसा के पुलिस उप-महानिरीक्षक ने साइबर थाना का निरीक्षण किया। इस दौरान सुपौल के पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों की स्थिति, लंबित कांडों और थाना स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और अनुसंधानकर्ताओं को मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में डीआईजी ने साइबर थाना में संधारित विभिन्न पंजियों और संचिकाओं की जांच की। उन्होंने सभी अभिलेखों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्थित और नियमित रूप से अद्यतन रखने का निर्देश दिया। डीआईजी ने कहा कि थाना स्तर पर रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना पुलिस कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के साथ-साथ मामलों की निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसके बाद लंबित कांडों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पुराने एवं लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर अगले माह का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साइबर थाना में पदस्थापित सभी अनुसंधानकर्ताओं को प्रत्येक माह कम-से-कम 10 कांडों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही पुरानी लंबित शिकायतों के जल्द निपटारे पर भी विशेष जोर दिया गया।
डीआईजी ने साइबर पोर्टल के माध्यम से पूरे देश में किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों और मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि साइबर अपराध से प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके और आम जनता को साइबर थाना, सुपौल के माध्यम से बेहतर एवं त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
निरीक्षण के दौरान पुलिस भवन एवं थाना परिसर की स्थिति का भी जायजा लिया गया। इसके साथ ही साइबर थाना में कार्यरत पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया। डीआईजी ने अधिकारियों एवं कर्मियों को कर्तव्य के प्रति सजग रहते हुए साइबर अपराध से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।






