साइबर अपराध पर रोकथाम के लिए चल रही कार्रवाई के दौरान जमुई साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाने में की गई तकनीकी जांच के दौरान पता चला कि चकाई थाना क्षेत्र के एक सीएससी सेंटर से जारी किए गए मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड के लिए किया जा रहा था। जांच में कई मोबाइल नंबर संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित सीएससी सेंटर पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। दोनों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर अपराध में उनकी संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि तकनीकी जांच में इस गिरोह द्वारा करीब 80 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन नंबरों के जरिए देशभर में लगभग 125 लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस के अनुसार, अब तक करीब 13 से 14 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस कई अन्य संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भी तकनीकी स्तर पर जांच कर रही है।
साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने कहा कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं। संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है और साइबर फ्रॉड में संलिप्त पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध में किसी भी तरह की संलिप्तता सामने आने पर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।






