बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की घटना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु को किसी ने गिराया नहीं है, बल्कि यह एक तरह से प्राकृतिक बात हो गई है। मंत्री के इस बयान के बाद सेतु की स्थिति और उसके निर्माण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद सरकार ने जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तेजी से वैकल्पिक व्यवस्था की। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि महज 28 दिनों के अंदर बेली ब्रिज तैयार कर जनता के लिए सुविधा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि इतनी कम अवधि में बेली ब्रिज तैयार करना सरकार की तत्परता को दर्शाता है।
मंत्री ने कहा कि अब सावन के बाद विक्रमशिला सेतु की पूरी तरह मरम्मत और निर्माण कार्य को लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। सेतु को जल्द से जल्द दुरुस्त कर आम लोगों की आवाजाही सामान्य करना सरकार की प्राथमिकता में है।
त्योहारों के दौरान बेली ब्रिज को खोलने और इसके बाद सेतु के पूर्ण निर्माण को लेकर पूछे गए सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि त्योहार आते-जाते रहेंगे, लेकिन सेतु का काम तय समय के अनुसार ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं हुआ तो जनता और मीडिया सरकार से सवाल करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विक्रमशिला सेतु के निर्माण कार्य के दौरान लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार वैकल्पिक मार्ग को लेकर भी प्लानिंग कर रही है। सरकार की कोशिश है कि निर्माण कार्य के साथ-साथ आम लोगों के आवागमन की व्यवस्था भी प्रभावित न हो।
मंत्री के बयान के बाद अब लोगों की नजर विक्रमशिला सेतु के मरम्मत और निर्माण कार्य की गति पर टिकी है। भागलपुर और आसपास के जिलों के लिए यह सेतु बेहद महत्वपूर्ण है और इसके जल्द दुरुस्त होने से आम लोगों, कारोबारियों और वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।





