पटना: बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी ने शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4.0 का ऐलान कर दिया है। इसके तहत प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों तक शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद अभ्यर्थियों में खुशी है, लेकिन परीक्षा में निगेटिव मार्किंग और नई चयन प्रक्रिया को लेकर नाराजगी भी सामने आ रही है।
टीआरई-4 में कुल 32,388 पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है। इनमें कक्षा 1 से 5 तक के लिए 3,847, कक्षा 6 से 8 के लिए 8,563, कक्षा 9 से 10 के लिए 3,877 और कक्षा 11 से 12 के लिए 16,101 पद शामिल हैं। हालांकि, बीपीएससी के परीक्षा कैलेंडर में टीआरई-4 के लिए 46,595 रिक्तियों का उल्लेख है। ऐसे में पदों की अंतिम संख्या विस्तृत विज्ञापन से स्पष्ट होगी।
इस बार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पैटर्न में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले प्रारंभिक परीक्षा यानी पीटी होगी और इसके बाद मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। छात्र नेता दिलीप कुमार ने निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 की तरह टीआरई-4 भी एक ही परीक्षा के माध्यम से कराई जानी चाहिए। नई व्यवस्था लागू करनी है तो इसे टीआरई-5 से लागू किया जाए।
आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी और 30 सितंबर तक चलेगी। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर है। परीक्षा 22 से 27 सितंबर के बीच निर्धारित की गई है, हालांकि विस्तृत शेड्यूल आयोग बाद में जारी कर सकता है।
उम्मीदवारों के लिए पद के अनुसार शैक्षणिक और प्रोफेशनल योग्यता के साथ CTET या STET की पात्रता जरूरी होगी। सामान्य आयु सीमा 18 से 42 वर्ष निर्धारित है, जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी।
आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा, दस्तावेज अपलोड करने होंगे, शुल्क जमा करना होगा और फॉर्म सबमिट करने के बाद उसकी प्रति सुरक्षित रखनी होगी।






