नई दिल्ली/पटना: जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने बुधवार को दिल्ली में पार्टी के सांसदों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में बिहार के विकास, जनहित से जुड़े मुद्दों और मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने सांसदों के साथ वन-टू-वन चर्चा भी की और बिहार से जुड़े मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने जेडीयू सांसदों से बिहार के हितों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को लोकसभा और राज्यसभा में प्रभावी तरीके से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने सांसदों से जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
बैठक में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा, सांसद दिलेश्वर कामत, देवेश चंद्र ठाकुर, कौशलेंद्र कुमार, डॉ. आलोक सुमन, सुनील कुमार, विजयलक्ष्मी देवी और रामप्रीत मंडल मौजूद रहे। इसके अलावा विधान परिषद में पार्टी के उपनेता और कोषाध्यक्ष ललन कुमार सर्राफ भी बैठक में शामिल हुए।
लवली आनंद की गैरमौजूदगी से चर्चा तेज
हालांकि बैठक में जेडीयू की राज्यसभा सांसद लवली आनंद नजर नहीं आईं। उनके बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर उनके पति और पूर्व सांसद आनंद मोहन के हालिया राजनीतिक रुख को लेकर इसे देखा जा रहा है।
आनंद मोहन और नीतीश कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। इनमें बेटे चेतन आनंद को मंत्री पद नहीं मिलने को लेकर नाराजगी की चर्चा भी शामिल है। आनंद मोहन कई मौकों पर एनडीए सरकार के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रख चुके हैं।
संसदीय रणनीति पर भी चर्चा
दरअसल, संसद की कार्यवाही में लगातार व्यवधान और कई महत्वपूर्ण मुद्दों के लंबित रहने के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है। एनडीए के महत्वपूर्ण सहयोगी दल के तौर पर जेडीयू अपनी संसदीय रणनीति को मजबूत करने में जुटी है। इससे पहले 5 अगस्त को नीतीश कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की थी। ऐसे में सांसदों के साथ हुई यह बैठक आगामी संसदीय रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





