
बोकारो पत्नी की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पुपुनकी गांव से जुड़ा है। महिला अपराध के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी उमेश गोप को पत्नी रिंकी देवी की हत्या का दोषी पाया। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा के साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले की जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक आरके राय ने बताया कि यह घटना वर्ष 2024 की है। आरोपी उमेश गोप की शादी वर्ष 2014 में महुदा थाना क्षेत्र की रहने वाली रिंकी देवी के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों का एक बच्चा हुआ। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उमेश अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था और विवाद के बाद उसे घर से बाहर निकाल देता था।
बताया गया कि घटना से कुछ दिन पहले भी उमेश ने रिंकी देवी के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी और उसे घर से निकाल दिया था। इसके बाद 22 फरवरी 2024 को उमेश अपने ससुराल पहुंचा। वहां उसने पत्नी को ठीक से रखने का भरोसा दिलाते हुए माफी मांगी। परिवार के लोगों के सामने समझौते के बाद उसी दिन शाम करीब पांच बजे वह रिंकी देवी को विदा कराकर अपने घर ले आया।
अभियोजन के मुताबिक, घर लौटने के कुछ घंटे बाद उसी रात करीब दस बजे उमेश ने अपनी पत्नी के साथ फिर मारपीट की। आरोप है कि इसके बाद उसने गला घोंटकर रिंकी देवी की हत्या कर दी। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर उमेश गोप को हत्या का दोषी पाया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया।
संवाददाता — चंदन सिंह बोकारो





