नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का आज मंगलवार को 17वां दिन है, लेकिन 20 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र में अब तक सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी है। छात्र प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्ष जहां सरकार से जवाब की मांग कर रहा है, वहीं सत्ता पक्ष अब इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
इसी बीच मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA के सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के लगातार हंगामे और गतिरोध के विरोध में संसद तक मार्च निकाला। NDA सांसदों ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और चर्चा से भागने का आरोप लगाया।
दरअसल, झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। बीजेपी सांसदों ने कांग्रेस और राहुल गांधी से इस मामले में जवाब मांगा है। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले चर्चा की मांग कर रहा था, लेकिन अब चर्चा से पीछे हट रहा है।
संसद परिसर में बीजेपी सांसद मुकेश दलाल और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच भी इस मुद्दे को लेकर बातचीत हुई। मुकेश दलाल राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाते हुए पोस्टर लेकर खड़े थे। उन्होंने प्रियंका गांधी से पूछा कि राहुल गांधी झारखंड कब जाएंगे। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी झारखंड के बच्चों से मिल चुके हैं और उनसे बातचीत भी की है।
वहीं, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं। मनोज तिवारी ने भी राहुल गांधी से सदन में आने और चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की।
दूसरी ओर, राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री की राय नहीं, बल्कि यह जानना है कि पुलिस कार्रवाई के पीछे आदेश किसका था। उन्होंने सवाल उठाया कि कार्रवाई का आदेश किसने दिया और क्या यह गलती या प्रशासनिक अक्षमता का मामला है।
सरकार की ओर से अब इस मुद्दे पर संसद में बहस का प्रस्ताव दिया गया है और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब देने की संभावना है। ऐसे में देखना होगा कि लंबे समय से जारी संसद का गतिरोध आज खत्म होता है या हंगामा फिर कार्यवाही पर भारी पड़ता है।






