
बंगाली पंचांग के अनुसार श्रावण माह की दूसरी सोमवारी पर नाला प्रखंड के देवली स्थित प्रसिद्ध बाबा देवलेश्वर धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार की आधी रात से ही केसरिया वस्त्र पहने शिवभक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। सोमवार की भोर होते-होते मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार रात करीब 11:30 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। उन्होंने कहा कि अपने जीवनकाल में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उन्होंने पहली बार देखी है। हर वर्ष सावन की सोमवारी पर भक्त बाबा देवलेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस बार चौथी सोमवारी पर उमड़ी भीड़ ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
भोर चार बजे से लगी लंबी कतार
सोमवार सुबह करीब चार बजे से ही मंदिर में जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु परिवार की सुख-शांति, बेहतर स्वास्थ्य, नौकरी और कारोबार में तरक्की की मन्नत लेकर बाबा के दरबार पहुंचे। दिनभर मंदिर परिसर में घंटियों की गूंज, शंखनाद और ‘बोल बम’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने पहले से व्यापक व्यवस्था की थी। दर्शन के लिए अलग कतार, जलाभिषेक के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना की।
सुरक्षा को लेकर पुलिस रही मुस्तैद
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नाला थाना पुलिस की पर्याप्त तैनाती की गई थी। पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की कतार को व्यवस्थित करने में जुटे रहे। प्रशासन और मंदिर समिति के समन्वय से पूरे दिन शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
शाम तक बाबा देवलेश्वर के दरबार में श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। रुद्राक्ष की माला और हाथों में जल कलश लिए शिवभक्तों ने कहा कि बाबा के प्रति उनकी आस्था उन्हें हर वर्ष यहां खींच लाती है।
दूसरी सोमवारी पर उमड़ा यह जनसैलाब बाबा देवलेश्वर धाम की बढ़ती लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था की तस्वीर पेश कर गया।
संवाददाता — संतोष कुमार, जामताड़ा





