
बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। मतगणना पूरी होने के बाद प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,246 वोटों के अंतर से हराया। प्रशांत किशोर को 63,946 वोट, जबकि नीरज कुमार को 44,700 वोट मिले। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा कुमारी 14,241 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से बीजेपी का अभेद्य किला मानी जाती रही है। वर्ष 1995 से लगातार इस सीट पर भाजपा का कब्जा था। ऐसे में प्रशांत किशोर की यह जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने विकास, रोजगार, शिक्षा और व्यवस्था परिवर्तन को प्रमुख मुद्दा बनाया था। मतगणना के शुरुआती दौर से ही उन्होंने बढ़त बनाई और अंत तक उसे कायम रखा।
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने इसे जनता के विश्वास और बदलाव की इच्छा की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जनता ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट संदेश के रूप में सामने रखा है। उन्होंने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी जरूरत विकास और रोजगार है तथा उनकी कोशिश ऐसा बिहार बनाने की होगी, जहां युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े।
प्रशांत किशोर ने राज्य की राजनीति पर भी निशाना साधते हुए भाजपा नेतृत्व से बिहार को बेहतर नेतृत्व देने की अपील की। उन्होंने सम्राट चौधरी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि बिहार को स्वच्छ और विकासोन्मुख राजनीति की जरूरत है।
गौरतलब है कि परिसीमन से पहले यह सीट पटना पश्चिम के नाम से जानी जाती थी। 2008 में इसका नाम बांकीपुर रखा गया। 2006 के उपचुनाव से नितिन नवीन इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे और 2020 में भी उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की थी। ऐसे में इस बार प्रशांत किशोर की जीत को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।




