दिल्ली में सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर कथित हमले के प्रयास के विरोध में रविवार को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पप्पू यादव के समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इसी क्रम में सहरसा के वीर कुमार सिंह चौक पर केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली सरकार का पुतला दहन कर घटना के खिलाफ आक्रोश जताया गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद पप्पू यादव पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। उनका दावा है कि साथियों की सतर्कता के कारण एक बड़ी घटना टल गई। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रंजन यादव ने कहा कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर इस तरह का हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
यूथ कांग्रेस नेता शंकर मंडल ने केंद्र सरकार से सांसद पप्पू यादव को तत्काल Z+ सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना था कि यदि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं होगी तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी।
वहीं कांग्रेस नेता विपिन यादव ने कहा कि दिल्ली जैसे संवेदनशील शहर में सांसद पर चाकू से कथित हमले की घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने राज्यभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पप्पू यादव के समर्थकों और आम लोगों से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
हालांकि, इस मामले में कथित हमले से जुड़े आरोप प्रदर्शनकारियों और संबंधित नेताओं के दावों पर आधारित हैं। घटना को लेकर दिल्ली पुलिस या प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी, सहरसा





