सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड में सरकारी भूमि की पैमाइश के दौरान हुए हंगामे के बाद अंचल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। नवहट्टा थाना के समीप स्थित सरकारी जमीन के सीमांकन के दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों द्वारा विरोध किए जाने के बाद अंचल अमीन ने प्रभारी अंचलाधिकारी को आवेदन देकर पर्याप्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने और संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, नवहट्टा थाना क्षेत्र के मौजा नवहट्टा, थाना संख्या-19, खाता संख्या-2814 एवं खेसरा संख्या-9037 स्थित करीब 1 कट्ठा 17 धुर सरकारी भूमि को लेकर फरमान बखो और मुक्तार बखो के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। प्रशासन के निर्देश पर 29 जुलाई 2026 को अंचल अमीन सरकारी भूमि का सीमांकन करने पहुंचे थे। आरोप है कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पैमाइश का विरोध करते हुए गाली-गलौज, हंगामा और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न कर दी, जिसके कारण सीमांकन की प्रक्रिया बीच में ही रोकनी पड़ी।
अंचल अमीन द्वारा दिए गए आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि नवहट्टा थाना परिसर की चहारदीवारी को तोड़कर रास्ता बना दिया गया है। साथ ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर स्थायी निर्माण भी कराया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी के बिना सरकारी जमीन का सीमांकन कराना संभव नहीं है। इसलिए अगली तिथि पर सुरक्षा बल उपलब्ध कराते हुए सीमांकन कार्य कराने का अनुरोध किया गया है।
इधर, प्रभारी अंचलाधिकारी ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा सीमांकन कराने की तैयारी की जा रही है।
संवाददाता : इन्द्रदेव जी, सहरसा






