बिहार के वैशाली जिले में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण और ₹8.75 लाख नकद चोरी के मामले में कार्रवाई नहीं होने से किन्नर समाज का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को सैकड़ों किन्नरों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी गई संपत्ति की बरामदगी की मांग की।
जानकारी के अनुसार, 12 मई को सदर थाना क्षेत्र में पीड़िता सपना कुमारी ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सपना ने बताया कि वह अपने चालक सौरभ कुमार के साथ एक्सयूवी वाहन से पटना से महुआ लौट रही थीं। स्टेशन रोड स्थित रेल कोच रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप के बीच एक अज्ञात व्यक्ति ने चलती गाड़ी के रेडिएटर की ओर कोई वस्तु फेंकी। कुछ दूरी पर दूसरे व्यक्ति ने वाहन से धुआं निकलने का इशारा किया, जिसके बाद चालक ने गाड़ी रोक दी। जब दोनों बोनट खोलकर वाहन की जांच करने लगे, तभी बदमाश गाड़ी की बीच वाली सीट पर रखा बैग लेकर फरार हो गए।
पीड़िता के अनुसार, बैग में डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण और ₹8.75 लाख नकद थे। उनका कहना है कि यह आभूषण और नकदी वर्षों से किन्नर समाज को शगुन के रूप में प्राप्त हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने और जल्द खुलासा करने का दावा किया था, लेकिन दो महीने बाद भी न तो आरोपियों की पहचान हो सकी और न ही चोरी गई संपत्ति बरामद हुई।
धरना-प्रदर्शन के दौरान किन्नर समाज ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। मौके पर वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे जिलाधिकारी से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। उल्लेखनीय है कि 18 जून को भी किन्नर समाज ने इसी मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। उस समय प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिलने से समाज ने दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाया।







