देश में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों और आंदोलनकारी छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को सहरसा में छात्र-युवाओं ने आक्रोश मार्च निकाला। छात्र-युवाओं संघर्ष मोर्चा समिति, सहरसा के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
आक्रोश मार्च जिला परिषद प्रांगण से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा। पूरे मार्च के दौरान छात्र-युवा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही अनियमितताओं से छात्रों का भरोसा टूट रहा है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई का भी विरोध किया। उनका कहना था कि अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। छात्रों ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, समय पर परीक्षाओं का आयोजन और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
छात्र नेता कुन्दन यादव ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते और सरकार पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और सरकार को जल्द ठोस निर्णय लेना होगा।
वहीं, मुख्यालय डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि आक्रोश मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल की तैनाती रही, यातायात व्यवस्था सामान्य बनी रही और विधि-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को समझने का भी प्रयास किया।








