मुजफ्फरपुर: बिहार बंद के मद्देनजर एहतियातन बंद की गई इंटरनेट सेवा को शनिवार को मुजफ्फरपुर में फिर से बहाल कर दिया गया। गृह विभाग की सहमति मिलने के बाद जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जनहित में यह फैसला लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में विधि-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य रहने के कारण इंटरनेट प्रतिबंध हटाने की अनुशंसा की गई थी, जिसे मंजूरी मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।
गौरतलब है कि शुक्रवार को जारी आदेश के तहत 24 जुलाई दोपहर 12:30 बजे से 26 जुलाई सुबह 10 बजे तक नगर क्षेत्र और उससे सटे इलाकों में मोबाइल इंटरनेट एवं सोशल मीडिया सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया था। यह कदम आईसा समेत अन्य संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ संदेश या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उठाया गया था।
शुक्रवार शाम जिलाधिकारी गौरव कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, थानाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों के साथ जिले की विधि-व्यवस्था की समीक्षा की। सभी थाना प्रभारियों से मिली रिपोर्ट में स्थिति सामान्य पाई गई, जिसके बाद इंटरनेट सेवा बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे अपनी बात शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखें, किसी भी स्थिति में कानून हाथ में न लें तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बचें। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी उपद्रव या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।
इंटरनेट सेवा बहाल होने के बावजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रशासन की कड़ी निगरानी जारी रहेगी। डीएम ने चेतावनी दी कि अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी साझा करने या सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाले संदेश पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बिहार बंद को देखते हुए जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। स्थानीय पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। 25 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), 8 एसडीपीओ के नेतृत्व में सुपर पेट्रोलिंग, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सादे लिबास में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं, जो किसी भी उपद्रवी गतिविधि पर लगातार नजर रखेंगे।








