नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की सुरक्षा को लेकर उनकी बहन ने राष्ट्रपति से गुहार लगाई है।
अभिजीत दीपके की बहन स्नेहा वंजारे ने बीड के जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में उन्होंने मांग की है कि अभिजीत दीपके को महाराष्ट्र पुलिस की विशेष सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
स्नेहा ने ज्ञापन में गंभीर चिंता जताते हुए लिखा है, ‘उसे बचा लीजिए, जान को खतरा है’। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। दिल्ली पुलिस द्वारा 130 पुलिसकर्मियों के घायल होने और 15 FIR दर्ज करने के दावों के बीच स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में अभिजीत की जान को खतरा है।
स्नेहा वंजारे ने ज्ञापन में स्पष्ट कहा है कि उन्हें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनके भाई को महाराष्ट्र पुलिस की सुरक्षा दी जाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई दिनों से परिवार का अभिजीत से सीधा संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे उनकी चिंता कई गुना बढ़ गई है।
परिवार की चिंता की एक और वजह अभिजीत की बिगड़ती सेहत भी है। खुद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि 20 जून से जारी अनशन और धरने के कारण उन्हें टाइफाइड हो गया है। इसके बावजूद वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
स्नेहा ने कहा कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत जारी है और दो मांगों पर सहमति बनने की बात कही जा रही है, लेकिन धरना स्थल पर मौजूद भीड़ और पुलिस के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल राष्ट्रपति कार्यालय को भेजे गए इस ज्ञापन के बाद सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है। वहीं जंतर-मंतर पर आज सरकार और CJP प्रतिनिधिमंडल के बीच एक और अहम बैठक होनी है, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।






