धनबाद जिले के केंदुआ स्थित गोंन्दुडीह-बसेरिया की दास बस्ती में STG आउटसोर्सिंग कंपनी का कार्य शुरू होते ही विवाद गहरा गया। कंपनी समर्थकों और स्थानीय रैयतों के बीच पुलिस की मौजूदगी में तीखी नोकझोंक हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि स्थानीय लोगों ने पहले त्रिपक्षीय वार्ता कराने की मांग की। बढ़ते तनाव को देखते हुए फिलहाल कंपनी का कार्य रोक दिया गया है और पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
शुक्रवार को STG आउटसोर्सिंग कंपनी ने जैसे ही कार्य प्रारंभ करने की कोशिश की, स्थानीय रैयतों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और कंपनी समर्थकों व ग्रामीणों के बीच तीखी बहस होने लगी। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। बाद में स्थानीय बुद्धिजीवियों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में आई और किसी बड़े विवाद की नौबत नहीं आई।
कंपनी समर्थक संजीत यादव ने गोंन्दुडीह ओपी पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में सभी रैयतों को साथ लेकर चलना चाहते हैं, लेकिन पुलिस का रवैया सहयोगात्मक नहीं है। वहीं कंपनी के प्रबंधक मुकुल मिश्रा ने भी प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कंपनी सभी नियमों के तहत कार्य करना चाहती है।
दूसरी ओर स्थानीय रैयतों का कहना है कि कंपनी बिना उनकी सहमति और बातचीत के काम शुरू करना चाहती है। उनका स्पष्ट कहना है कि पहले कंपनी, रैयत और प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता होनी चाहिए। जब तक सभी पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती, तब तक किसी भी प्रकार का कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
विवाद के दौरान कंपनी समर्थकों द्वारा ड्रोन उड़ाए जाने को लेकर भी नया बवाल खड़ा हो गया। गोंन्दुडीह ओपी प्रभारी लव कुमार चौधरी ने इस पर आपत्ति जताई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ड्रोन संचालक और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, हालांकि कुछ ही देर में मामला शांत हो गया।
फिलहाल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कंपनी का कार्य रोक दिया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं स्थानीय रैयत अपनी मांग पर कायम हैं कि त्रिपक्षीय वार्ता के बाद ही आउटसोर्सिंग कंपनी का कार्य शुरू किया जाए।
संवाददाता : राजेश कुमार, धनबाद





