भागलपुर: बिहार में एक बार फिर कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी है। भागलपुर जिले में 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संक्रमित बुजुर्ग तिलकामांझी थाना क्षेत्र के हटिया रोड के रहने वाले हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी है।
परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग पिछले कई दिनों से लगातार बुखार और अस्वस्थता से परेशान थे। इलाज के लिए उन्हें शहर के एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की सलाह पर उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया गया। 16 जुलाई को तिलकामांझी स्थित एक निजी कलेक्शन सेंटर से उनका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। 18 जुलाई को आई रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट मिलने के बाद इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दी गई। विभाग ने मरीज के परिजनों से संपर्क कर उनकी स्वास्थ्य निगरानी शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर मरीज के संपर्क में आए लोगों की भी कोरोना जांच कराई जाएगी ताकि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।
डॉक्टरों के अनुसार, मरीज की जांच डॉ. हेमशंकर शर्मा के यहां कराई गई थी, जहां उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एहतियात के तौर पर उन्हें जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) में भर्ती कराया गया है।
मायागंज अस्पताल के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि मरीज की स्थिति फिलहाल सामान्य है। उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है। कई दिनों से बुखार रहने के कारण आरटी-पीसीआर जांच कराई गई थी, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर भी जांच कराई जाएगी, लेकिन फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।
इस घटना के बाद बिहार स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर जांच, आवश्यक सावधानी और चिकित्सकीय सलाह का पालन ही संक्रमण को फैलने से रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।






