बिहार के भोजपुर जिले के आरा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। नीट (NEET) परीक्षा में असफल होने के बाद घर छोड़कर लापता हुए छात्र सिद्धांत विशाल को करीब एक वर्ष बाद उत्तर प्रदेश के वृंदावन से साधु के वेश में बरामद किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने परिवार के साथ-साथ पुलिस को भी चौंका दिया। सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि सिद्धांत की तलाश में निकला उसका छोटा भाई भी वृंदावन पहुंचकर साधु का जीवन अपनाने लगा था।
जानकारी के अनुसार, सिद्धांत विशाल नीट परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के बाद गहरे मानसिक तनाव और निराशा में चला गया था। इसी दौरान उसने घर छोड़ दिया और किसी को बिना बताए वृंदावन पहुंच गया। वहां उसने एक संत के आश्रम में शरण ली और दीक्षा लेकर साधु के रूप में रहने लगा। लंबे समय तक परिवार और पुलिस उसकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
इधर, बड़े भाई की तलाश में निकला छोटा भाई भी वृंदावन पहुंच गया। बताया जा रहा है कि वहां का आध्यात्मिक वातावरण उसे भी इतना प्रभावित कर गया कि उसने भी साधु का वेश धारण कर लिया और आश्रम में रहने लगा। इस कारण दोनों भाई लंबे समय तक परिवार से दूर रहे।
नगर थाना पुलिस को हाल ही में दोनों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने वृंदावन पहुंचकर दोनों भाइयों को बरामद किया। सिद्धांत विशाल को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को सिद्धांत विशाल का न्यायालय में बयान दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि असफलता को जीवन का अंत नहीं मानना चाहिए और ऐसे समय में परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।





