बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई की कार्रवाई लगातार जारी है। ताजा मामला पूर्णिया जिले के वैसा प्रखंड से सामने आया है, जहां प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी बीडीओ राजकुमार चौधरी को 46 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान उनके सरकारी आवास से 1 लाख 25 हजार रुपये नकद और कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। इस मामले में बीडीओ के निजी सहायक सेवक छोटू कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद विशेष निगरानी कोर्ट, पटना में पेश किया जाएगा।
विशेष निगरानी इकाई के डीएसपी कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि एक ठेकेदार ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसकी टेंडर राशि के भुगतान के बदले बीडीओ राजकुमार चौधरी 46 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग ने जाल बिछाया।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत विशेष टीम वैसा प्रखंड स्थित बीडीओ के सरकारी आवास पहुंची। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने बीडीओ को रंगेहाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद उनके निजी सहायक सेवक छोटू कुमार को भी इस मामले में संलिप्त पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने बीडीओ के सरकारी आवास की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान 1 लाख 25 हजार रुपये की अतिरिक्त नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। निगरानी विभाग अब यह जांच कर रहा है कि बरामद नकदी का स्रोत क्या है और दस्तावेजों का इस मामले से क्या संबंध है।
डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को विशेष निगरानी कोर्ट, पटना में पेश किया जाएगा।







