पंजाब पुलिस ने बिहार के नालंदा जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बॉडीगार्ड की पत्नी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 12 लाख रुपये की साइबर ठगी में शामिल होने का आरोप है। जांच में करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है।
यह मामला वर्ष 2024 का है। पटियाला निवासी मंजीत कौर ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि ठगों ने उन्हें एक सप्ताह तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर मानसिक दबाव में रखा और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 12 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। शिकायत मिलने के बाद पंजाब पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले कोलकाता और झारखंड के जामताड़ा से गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया। पूछताछ और बैंक खातों की जांच में पता चला कि ठगी की रकम का कुछ हिस्सा बिहार के नालंदा जिले के दो युवकों के खातों में भेजा गया था।
इसके बाद पंजाब पुलिस ने नालंदा पुलिस के सहयोग से बिहारशरीफ के लहेरी थाना क्षेत्र के भैंसासुर निवासी मुकेश कुमार और अस्पताल चौक निवासी विशाल भारती को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी दिल्ली स्थित एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क के संपर्क में थे। गिरोह इनके बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम मंगाने के लिए करता था और इसके बदले इन्हें कुल राशि का लगभग दो प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों का बिहारशरीफ सदर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पंजाब पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ पंजाब ले गई।
पुलिस के अनुसार, यह साइबर गिरोह देश के कई राज्यों में सक्रिय है और प्रारंभिक जांच में करीब 5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के संकेत मिले हैं। हालांकि वास्तविक रकम और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच अभी जारी है। इस कार्रवाई में पंजाब पुलिस के सब-इंस्पेक्टर हरतेंद्र सिंह और सिपाही नवनीत सिंह शामिल रहे। जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।







