झारखंड के पलामू जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कविलाशी गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में 11 वर्षीय छात्र की बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। बेटे का शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कविलाशी गांव निवासी लल्लू चौधरी का 11 वर्षीय पुत्र मोहित कुमार बुधवार को प्रतिदिन की तरह स्कूल से पढ़ाई कर घर लौटा था। बताया जाता है कि घर में प्रवेश करते समय वह अचानक खुले और नंगे बिजली के तार की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
घटना के बाद परिजनों और आसपास के लोगों ने बिना समय गंवाए मोहित को विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे तत्काल मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच (मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) रेफर कर दिया।
परिजन गंभीर हालत में मोहित को लेकर मेदिनीनगर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोपहर करीब दो बजे जैसे ही मोहित का शव गांव पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। गांव के लोग भी शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिजली के खुले तारों की समय पर मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाती, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से ऐसे खुले और खतरनाक तारों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।
फिलहाल घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन से भी पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।
संवाददाता: सत्यम शुक्ला





